Solar system for cold storage | अब सौर उर्जा से चलेंगे सभी कोल्ड स्टोरेज 

सोलर एनर्जी का अधिक से अधिक प्रयोग किया जा सके इसके लिए सरकार की ओर से लगातार प्रयास किया जा रहा है,  जहां घरेलू प्रयोगकर्ताओं के लिए सरकार की ओर से सोलर सिस्टम लगाने पर सब्सिडी प्रदान की जाती है, ताकि अधिक से अधिक लोग सोलर सिस्टम अपने घरों पर लगा सके. वहीं अब सरकार की ओर से व्यावसायिक और बिजली का बड़े स्तर का प्रयोग करने वाले उपक्रमों को भी सोलर एनर्जी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. 

सोलर से चलेंगे कोल्ड स्टोरेज

जैसा कि आप सभी जानते ही हैं कि फलों सब्जियों आदि को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज यानी शीत ग्रह का प्रयोग किया जाता है. शीत ग्रह में बिजली की भारी मात्रा में खपत होती है. यही कारण है कि आमतौर पर शीत गृहों का मासिक बिजली बिल 5 से लेकर 6 लाख रुपए तक होता है. 


वहीं यदि बड़ा कोल्ड स्टोरेज है तो उसका बिजली का बिल 10 लाख रुपए महीने तक भी हो सकता है. जाहिर सी बात है इतनी बड़ी मात्रा में बिजली का उपयोग करने के कारण न केबल कोल्ड स्टोरेज संचालकों पर आर्थिक बोझ पड़ता है बल्कि शीत गृहों में सब्जी फल आदि का भंडारण करने वाले किसानों को भी शीत गृहों में अपनी फसल सब्जी आदि को रखना महंगा पड़ता है.

सोलर से चलेंगे शीतग्रह तो किसानों को भी होगा लाभ

सरकार का मानना है कि यदि शीत ग्रहों को सौर ऊर्जा से संचालित कर दिया जाए तो इनकी रनिंग कॉस्ट काम हो जाएगी जिसका लाभ सीधे तौर पर किसानों को भी मिलेगा. यूपीनेडा के प्रबंध निदेशक अनुपम शुक्ला की ओर से सभी जिलों के UP NEDA परियोजना अधिकारियों को पत्र लिखकर अपने-अपने जिलों में कोल्ड स्टोरेज का सर्वे कर सोलर सिस्टम लगवाने की संभावनाओं को तलाश करने के लिए कहा गया है.

UP NEDA प्रयागराज के परियोजना अधिकारी शाहिद सिद्दीकी ने मीडिया को बताया कि जिले में कुल 42 शीतग्रह हैं, उनकी ओर से सभी शीत गृहों का सर्वे कराया जा रहा है अभी तक कुछ शीत ग्रह मलिक ऐसे हैं जिन्होंने सोलर लगवाने के लिए अपनी सहमति प्रदान की है. दूसरे शीत ग्रह मालिकों को भी जागरूक किया जा रहा है और उन्हें प्रेरित किया जा रहा है कि वह भी अपने परिसर में सोलर सिस्टम लगवाएं. 



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